प्रदूषण की समस्या और साबधान पर लघु निबंध Polluction Problem And Soluction Essay In Hindi

प्रदूषण की समस्या और साबधान निबंध कैसे लिखें How to Write Essay Polluction Problem And Soluction 

आज हमारा वायुमंडल अत्यधिक दूषित हो चुका है
 जिसके बजह से मानव जीवन मे  खतरा आ गया है
आज यूरोप के कई देशों में प्रदूषण इतना बढ़ गया के
  • कि कभी कभी वहाँ  अम्ल  वर्षा मिश्रित होती है  ओशो की बूंदो में  अम्ल मिला रहता हैं यदि समय रहते हुआ इस तरफ ध्यान नही दिया तो एक समय
विश्वप संकट छा जाएगा ,,

प्रदूषण की समस्या और साबधान पर लघु निबंध Pradooshan kee Samsya Aur Samadhan Par Laghu Nibadh

     रूपरेखा

  •  प्रदूषण का अर्थ

विभिन प्रकार के प्रदूषण 

(क) वायु प्रदूषण

(ख) जल प्रदूषण

(ग) रेडियोथर्मी प्रदूषण

(घ) ध्वनि प्रदूषण

(ड्) रासायनिक प्रदूषण

  • प्रदूषण पर नियंत्रण
  • उपसंहार

प्रदूषण का अर्थ

प्रदूषण का अभिप्रायः  विज्ञान के इस युग मे मानव को जहाँ कुछ बरदान मिल है ,वहाँ कुछ अभिशाप है प्रदूषण भी एक एक ऐसा अभिप्रायः है जो विज्ञान की कोख से जन्मा है और जिसे सहने के लिए अधिकांश जनता है

प्रदूषण के प्रकार -प्रकृतिक संतुलन में दोष पैदा होना है न शुद्ध जल मिलना न् शुद्ध जल न् शांत  वताबरण मिलना प्रदूषण कई प्रकार के होता है प्रमुख प्रदूषण वायु प्रदूषण जल प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण !
महानगरों में प्रदूषण अधिक फैला हुआ है वहाँ चौबीस घंटो कल कारखानों को धुंआ मोटर वाहनों का धुँआ पूरा  फैला हिला है कि स्वस्थ वायु में सास लेना में बहुत दिकत होता है मुंबई की महिलाओं धोए वस्त्र उतारने जाती है तो उनपर काले काले कण जमे हुए पाते है यह समस्या वहां अधिक होती है जहाँ सघन आबादी होती है वृक्षो का अभाव होता है वातावरण तंग होता है
कल कारखानों का दूषित जल नदी नालों में में मिलाकर जल प्रदूषण पैदा करता है है बाढ़ के समय कारखानो के
दुर्गंधित जल सब नदी नालों में घुल मिल जाता है इससे अनेक बीमारी पैदा होता है
मनुष्य को रहने के लिए शांत बातावरण रहना चाहिए परन्तु आज कल कल कारखानों का शोर यातायात का शोर मोटर गाड़ीयो चिलपो साउंड सपिलर कर्ण भेदक ध्वनि बहरेपन और तनाब को जन्म देता है य
उपयुक्त प्रदूषण के कारण मानव स्वस्थ जीबन को खतरा पैदा हो गया है खुली हवा में लंबी सांस लेने के लिए तरस गया हो आदमी गंदे जल के कारण कई बीमारियों फसलों में चली जाती है जो मनुष्य के शरीर मे पहुचकर घातक बीमारियों पैदा करती है भोपामें गैस रिसी के कारण हजारो लोग मर गए कितने अपंग हो गये पर्यावरण प्रदूषण के कारण समय समय पर वर्षा नही होती है न् सर्दी गर्मी का चक्र सही ढंग से चलती है जिस समय वर्षा होने जाहिए उस समय नही होता है जिनके कारण सही से फसलों को पानी नही मिल पाता है और फसल खराब भी हो जाता है और कभी समय से पहले भी वर्ष हो जाती जिनके कारण फसलों को छति होती है आज हमारा समाज पर भी पर्यावरण प्रदूषण पर कभी ज्यादा प्रभाव पड़ा है जिनके जीत जागरण उदाहरण विमारी है
प्रदूषण को बढबा देने में कल कारखानों और वैज्ञानिक उपकरणों को कभी ज्यादा योगदान है आज हमारा समाज में घर फ्रिज कूलर ऐसी और भी उपकरण का उयोग किया  जाता जो ऊर्जा संयंत्र दोषी है प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ने भी मुख्य कारण है वृक्षों को काटना मौसम का चक्र बिगानां घनी आबादी बाले क्षेत्रों में हरियाली न् होना प्रदूषण पढ़ा है

प्रदूषण का नियत्रण कैसे करें Pradushan Ka Niyatran KaiseKare

       
विभिन प्रकार के प्रदूषण से बचने के लिए हमे अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाएं ताकि हरियाली की मात्रा अधिक रहे सड़को के किनारों घने वृक्ष हो आबादी बाले क्षेत्र खुले हो जाये हरियाली तोप हो जाये कल कारखानों के क्षेत्र से आबादी को दूर रहना चाहिए ताकि किशी प्रकार के परेशानी न् हो और जो भी दूषित जल है उसे नष्ट करने के लिए सोचना चाहिए ताकि दिकत नहो
उपसंहार 
इन तमान विचारणीय और महत्पूर्ण तथ्यो से यह निष्कर्ष निकलेता है कि प्रदूषण की समस्या मानब निर्मित है जहाँ एक ओर जहां मनुष्य लापरबाही एवं जान बूझकर कर रहा है करने की गलत आदत है बही विज्ञान का दुरुपयोग भो एक अन्य कारण है कारखानों तथा नलों का मल कचरा चिमनी से निकलने बाले धुँआ मोटर साइकिल का कार्बन पर्यावरण को दूषित करता है अतः साथ ही वृक्षो को दूषित करता है अतः हमें वृक्षों रोपण करना चाहिए
हमे इससे बचने के लिये गंदे जल को समुचितढंग से रखना चाहिए ताकि दिकत न हो सही ढंग से उसका इस्तमाल होसके हमे कलकरखनो  दूर रहना चाहिए ताकि सही ढंग से सास ले सके

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